शुक्रवार, 2 अक्तूबर 2009

bikhare sitare...17)kuchh bachpan kuchh yauwan

8 टिप्‍पणियां:

Mahfooz Ali ने कहा…

bachpan aur yauwan ka bahut achcha mishran dekhne ko mila........ bachpana to hamara hamesha hamare saath hi rehta hai.........

www.lekhnee.blogspot.com

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर चित्र हैं।

जन्म-दिवस पर
महात्मा गांधी जी और
पं.लालबहादुर शास्त्री जी को नमन।

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

यादगार तस्वीरें..........

ज्योति सिंह ने कहा…

jise bhoola na jaaye .

Babli ने कहा…

एक से बढ़कर एक तस्वीरें हैं !आपने बहुत ही सुंदर रूप से बचपन की तस्वीरों को और साथ में यौवन की चित्रों को प्रस्तुत किया है!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

tasveeren kahaani bolti hain .......

Basanta ने कहा…

Beautiful!

गौतम राजरिशी ने कहा…

तस्वीरों ने कहानी की पिछली किश्तों को पुनः जीवंत कर दिया। दादा जी की सवारी ने मन मोह लिया...किंतु ये आखिरी का सवाल झकझोड़ गया है।