दिलके दौरे के बाद घर आ गयी थी. आज पहली बार डॉक्टर से मिलने गयी. बातों बातों में पता चला की,मुझे ताउम्र अब चंद दवाइयाँ लेनी होंगी और चंद दवाइयाँ ताउम्र ले नही सकती. दोनों बातों से परेशान हूँ.सरदर्द की ( migraine )की पुरानी मरीज़ हूँ.मर्ज़ इस क़दर है की मुझे morphene तक लेनी पड़ती थी तब जाके दर्द से निजात मिलती! अब डिस्पिरिन से काम कैसे चल सकता है?दिल के दौरे का कारन इन्हीं दवाईयों को ठहराया जा रहा है!एक ओर कुआ दूसरी ओर खाई! अस्पताल से लौटी तब सरदर्द इतना था की दर्द की दवाई चोरी छुपे खाही ली! भविष्य में भुगतना तो मुझे ही पड़ेगा और कैसे वो कह नही सकती! क्या करूँ क्या न करूँ?
जो दवाई ताउम्र लेनी पड़ेगी वो है एस्पिरिन! जिसे blood thinner के तौरपे इस्तेमाल किया जाता है. जिसका मतलब होता है मुझे सुई चुभने से या रसोई में उँगली कट जाने से भी बचाना होगा वरना खून बहने लगा तो रुकेगा नहीं!
मेरे मर्ज़ के बारेमे जान के माँ तो बहुत परेशान हैं. खराब तबियत के बावजूद मुझसे मिलने आ रही हैं.
शायद ये सब सहने की बातें हैं,कहने की नही,लेकिन ब्लॉगर दोस्तों से साझा किये बिना रह भी नही सकती! अब की होली जीवन का ये रंग भी दिखा रही है!
जो दवाई ताउम्र लेनी पड़ेगी वो है एस्पिरिन! जिसे blood thinner के तौरपे इस्तेमाल किया जाता है. जिसका मतलब होता है मुझे सुई चुभने से या रसोई में उँगली कट जाने से भी बचाना होगा वरना खून बहने लगा तो रुकेगा नहीं!
मेरे मर्ज़ के बारेमे जान के माँ तो बहुत परेशान हैं. खराब तबियत के बावजूद मुझसे मिलने आ रही हैं.
शायद ये सब सहने की बातें हैं,कहने की नही,लेकिन ब्लॉगर दोस्तों से साझा किये बिना रह भी नही सकती! अब की होली जीवन का ये रंग भी दिखा रही है!